What is RSI? – Relative Strength Index:
मित्र,
शेयर बाजार में RSI वह पॉपुलर इंडिकेटर है जिसकी चर्चा आपको तमाम आर्टिकल या फिर तमाम वीडियो चैनल में मिल जाता है।
बाजार में चल रहे कांसेप्ट के अनुसार यह इंडिकेटर हमें किसी स्टॉक में हो चुकी बहुत ज्यादे खरीदारी या फिर हो चुकी बहुत ज्यादे बिकवाली को सूचित करता है। वापिस मैं कुछ शब्दों को रिपीट करना चाहूंगा कि “बाजार के अनुसार।”
यदि आप मुझे फॉलो करते हैं तो बेहतर जानते होंगे कि मैं बाजार में उपलब्ध किसी भी इंडिकेटर पर भरोसा नहीं रखता हूँ। क्योंकि मेरा मानना है कि ये तमाम इंडिकेटर चलते बाजार के समय एक ट्रेडर के दिमाग मे शंसय भरे संकेत के अलावा और कुछ नहीं देता है।
चलिये प्रश्न के अनुसार और बाजार में चल रहे कांसेप्ट के अनुसार RSI को आपके सामने रखते हैं।
RSI का फुल फॉर्म रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडिकेटर है। जिसे हम lagging इंडिकेटर भी कह सकते हैं क्योंकि यह चार्ट पर बनने वाले कैंडल्स के अनुसार चलता है।
जब हम इस इंडिकेटर को चार्ट पर प्लॉट करते हैं तो यह निम्नांकित छवि की तरह हमें दिखाई देता है।
जिसमें टोटल तीन लाइन बनी होती है। दो लाइन स्टेटिक और एक लाइन कैंडल्स के अनुसार बदलते रहता है।
बाजार में चल रहे कांसेप्ट के अनुसार जब भी यह वेरिएबल लाइन बढ़ते हुए ऊपर के लाइन को टच करता है तो ऐसा माना जाता है कि स्टॉक में बहुत ज्यादे खरीदारी हो गया है और अब यहां से इसमें गिरावट देखने को मिल सकता है।
ठीक इसके विपरीत,
जब भी यह वेरिएबल लाइन गिरते हुए नीचे के लाइन को टच करता है तो ऐसा माना जाता है कि स्टॉक में बहुत ज्यादे बिकवाली हो गया है और अब यहां से इसमें बढ़त देखने को मिल सकता है।
हालांकि किसी भी प्रकार के निर्णय लेने से पहले चार्ट पर इसे बकटेस्ट अवश्य करें कि क्या वास्तव में बाजार में चल रहे कांसेप्ट के अनुसार इंडिकेटर लाइव बाजार में प्रदर्शन करता है या नहीं।
उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा तो upvote अवश्य करें। बाजार से जुड़े जानकारी के लिए हमें फॉलो करें। टेक्निकल एनालिसिस सीखने के लिए whatsapp 7321947248 पर जुड़ें।
धन्यवाद