Determining Where to Set Your Stop-Loss
मित्र,
स्टॉप लॉस राशि निर्धारण को समझने से पहले यह समझना है कि व्यक्ति बाजार में कितने तरह से ट्रेड करते हैं। क्योंकि स्टॉप लॉस का निर्धारण हमेशा ट्रेडिंग सिस्टम के अनुरूप रहता है।
मेरे व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर बाजार में 99 फीसदी रिटेल ट्रेडर निम्नलिखित चार सिस्टम का उपयोग करते हैं।
1)रेजिस्टेंस/सपोर्ट:
इसमें भी दो अलग टाइप है ट्रेड लेने का।
a)ब्रेकआउट/ब्रेकडाउन: यदि हम ब्रेकआउट/ब्रेकडाउन के आधार ओर ट्रेड लेते हैं तो ब्रेकआउट के कंडीशन में रेस्पेक्टिव सपोर्ट के नीचे स्टॉप लॉस रखा जाता है।
वहीं यदि ब्रेकडाउन पर शार्ट सेल प्लान करते हैं तो स्टॉप लॉस रेस्पेक्टिव रेजिस्टेंस के ऊपर रखा जाता है।
समय के साथ इसे वापिस ट्रेल कर सकते हैं।
b)रेवेरसल:
यह रेवेरसल रेजिस्टेंस या फिर सपोर्ट जोन दोनो में से किसी भी जगह से संभव है। ऐसी स्थिति में बेहतर रिस्क/रिवॉर्ड ट्रेड मिलता है।
यदि रेजिस्टेंस रेवेरसल से स्टॉक को शार्ट कर रहे हैं तो ऐसे में रेजिस्टेंस से कुछ पॉइंट ऊपर का स्टॉप लॉस रख सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर सपोर्ट रेवेरसल से यदि खरीदारी के लिए जाते हैं तो उस सपोर्ट से कुछ पॉइंट नीचे का स्टॉप लॉस रख सकते हैं।
आर्टिकल के अंदर उस पॉइंट को एक्सप्लेन करना काफी मुश्किल है।
2)कैंडिलिस्टिक पैटर्न:
बाजार में दो तरह का कैंडिलिस्टिक पैटर्न है। एक बुलीश और दूसरा bearish।
यदि हम बुलीश पैटर्न के आधार पर ट्रेड के लिए जाते हैं तो उस पैटर्न के सबसे लोवेस्ट पॉइंट के नीचे का स्टॉप लॉस रखते हैं। यदि स्टॉक 1000 रुपये से नीचे का हो तो लोवेस्ट पॉइंट से एक रुपये नीचे का स्टॉप लॉस रखकर जा सकते हैं।
वहीं यदि bearish पैटर्न को ट्रेड कर रहे हैं और स्टॉक 1000 रुपये से नीचे है तो पैटर्न के हाईएस्ट पॉइंट से एक रुपये ऊपर का स्टॉप लॉस रखकर चल सकते हैं।
3)इंडिकेटर की सहायता से:
यदि आप मुझे फॉलो करते हैं तो बेहतर जानते होंगे की मैं इंडिकेटर ट्रेड पर भरोसा नहीं करता हूँ। अतः जिन चीजों को मैं खुद उपयोग में नहीं लेता हूँ..वह जानकारी शेयर करना थोड़ा बोरिंग लगते रहता है।
उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा तो upvote अवश्य करें। बाजार से जुड़े जानकरी के लिए हमें फॉलो करें। टेक्निकल एनालिसिस सीखने के लिए whatsapp 7321947248 पर जुड़ें।
धन्यवाद